payal chaudhari
یک سال قبل
एक तू ही तो है, जब मैंउलझती हंतो, मुझे सुलइाता है, मेरी हर मुिशकलों को आसान बनाता है। एक ू ही तो है, जो मैं िंगह तो िपता की तरह उंगली पकड कर संभालता है, जो मैं घबराउ, तो मां के आंचल की तरह अपने भीतर संजोता है। एक तूही तो है, जो मेर भीतर चेल रहे तूफान को िबना बोले शांत करता है। एक तू ही त है..... मेहेर बाबा .....✍️Dr.payal